Wednesday, November 20, 2019

प्रस्तावना ​आखिरकार आपने अमीरी की एक नयी यात्रा को शुरू करने का फैसला ले ही लिया । स्वागत है आपका, दुनियामे तेजिसे सफल होने वाले व्यावसायिक मोडेल की इस अदभूत दुनिया मे , जिसका नाम है “ ध वर्ल्ड ऑफ नेटवर्क मार्केटिंग ” ​जी हा दोस्तो , नेटवर्क मार्केटिंग अब पूरी दुनियामे सबसे तेज़ीसे सफल होने वाला व्यवसाय बन रहा है, इस व्यवसाय के प्रति समाज की नकारात्मक मान्यताए अब टूट रही है, आज 21 वी सदी मे “ नेटवर्क मार्केटिंग के माध्यम से सपनों को हकीकत बनाया जा सकता है ” इस बात का प्रमाण भारत मे कई जगह दिख रहा है, शायद आपकी कंपनीमे भी होगा सवाल सिर्फ इतना है की “ आप इस व्यवसाय को किस द्रष्टिकोण से देख रहे है ? ” एक मनी कोच के रूप मे पैसे , आर्थिक आज़ादी और आदर्श व्यवसाय जैसे विषयो का अध्ययन करते हुए मेरी द्रष्टि जब नेटवर्क मार्केटिंग के बिजनेस मोडेल पर पड़ी तो मै सोचमे पड़ गया की इतना जबरजस्त बिजनेस होने के बावजूद भी लोगो का द्रष्टिकोण नकारात्मक क्यूँ है ? जब इस सवाल के जवाब को गहेराई से ढूंढा तो पता चला की चंद स्वार्थी लोगो के सिर्फ स्वार्थपूर्ण रूप से इस व्यवसाय को करने के नकारात्मक तरीके की वजह से यह बदनाम हुआ है। मुद्दा यह है की चंद स्वार्थी और नकारात्मक लोगो के कारण आम जनता के हाथो से आर्थिक आज़ादी का यह सुनहरा अवसर क्यूँ दूर हो? इसीलिए आम जनता को इस व्यवसाय का सच्चा स्वरूप दिखाने , इस व्यवसाय के सत्य को आपके सामने प्रस्तुत करने और इस अनमोल अवसर के माध्यम से आपकी ज़िंदगी मे एक नयी आश जगाने प्रस्तुत है मेरी यह किताब “ MLM का चेम्पियन ” ​यह किताब नेटवर्क मार्केटिंग के बारे मे फैले जूठ का नाश कर देगी, सत्य को उजागर करेंगी, इस व्यवसाय की सकारात्मकता से आपका परिचय करवाएगी, नेटवर्क की ताकत का एहेसास कराएगी, आपकी टिम को सही तरह से काम करने का तरीका सिखाएगी, एक बड़े नेटवर्क का निर्माण करके आर्थिक आज़ादी के सपने को हकीकत बनाने का ज्ञान देगी और आपके माध्यम से 21 वी सदीमे रोजगार के नए द्वार खोल देगी । यह किताब नहीं है बल्कि यह है “ नेटवर्क मार्केटिंग के ज्ञान के माध्यम से दुनिया की समृद्धि आपका योगदान देने की महा गाथा ”।
Chapter 1 एक खोज ​​21वी सदी यानि एक लाइफ स्टाइल । यहा सब कुछ बदल चुका है। कपड़े , रहेन सहेन , गाड़ी , मकान , सपने , सब कुछ इस नयी सदी के अनुरूप है और इस लाइफ स्टाइल को जीने के लिए ज़रूरी है एक साधन “ पैसा ” । ​​पैसा 21 वी सदी की लाइफ स्टाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा है, शायद इसीलिए दुनिया के ज़्यादातर लोग इसके पीछे भागते रहेते है । यहा आर्थिक आज़ादी पाना सबसे बड़ा ख्वाब है लेकिन उस ख्वाब को बहुत कम लोग पूरा कर पाते है। इसीलिए आर्थिक आज़ादी पाने की एक नयी राह ढूंढनी बहुत ज़रूरी है। एक मनी कोच के रूपमे यह मेरे लिए खोजबिन का विषय था और मै बस खोजमे निकाल पड़ा। चलिये मै ले चलता हु आप सबको मेरी उस खोजबिन के रास्ते पे और बताता हु की मेरे हाथ कौनसा जादुई चिराग लगा जो आम इंसान की ज़िंदगी सवांर सकता है । ​​​सबसे पहेले , इन ख्वाबो को पूरा करने की एक नयी राह ढूँढने के लिए मेरा एक सबसे महत्वपूर्ण सवाल... “ लोगो के जीवनमे यह पैसा आता कैसे है ? ” ​​बड़ा ही गहन सवाल है , की इंसान के जीवनमे पैसा कैसे आता है, मैंने इस सवाल पे बड़ा रिसर्च किया और मालूम पड़ा की पैसा इंसान के जीवन जीने की कला और उनकी कार्यदक्षता का प्रतिफल है । आप जो भी काम करते है और उसे जिस तरह से करते है उस काम के बदलेमे यानि उसके प्रतिफल मे आपको “ पैसे ” मिलते है। यानि अगर आपकी जीवन जीने की कला और काबिलियत अच्छी हुई तो आपको प्रतिफल भी यानि पैसा अच्छा मिलेगा । ​​आम तौर पे 4 रास्ते है जहा हम हमारी कलाए और काबिलियत का उपयोग करके पैसे कमाते है । खेतीबाड़ी नौकरी व्यवसाय निवेश ​​21 वी सदी की लाइफ स्टाइल जो आप जीना चाहते है वो कहीं न कहीं पैसो से जुड़ी हुई है इसीलिए पैसो के उपार्जन की द्रष्टिसे देखते है की कौन से रास्ते पर ज्यादा पैसा मिल सकता है । वैसे तो चारो रास्तो से यह संभव है लेकिन जहा तक आम आदमी का सवाल है तो देखते है की उसके लिए कौन सा रास्ता सफल है । खेतीबाड़ी : यहा इंसान बड़ी महेनत करता है लेकिन ज़्यादातर वह निर्भर है कुदरत पे । अगर बारिश ठीक हुई तो फसल अच्छी , अगर कुदरती वातावरण ठीक रहा तो फसल अच्छी वरना कितनों के तो पैसे तक डूब जाते है , शायद यह 21 वी सदी का कड़वा सच है की पूरी दुनिया के लिए अनाज पैदा करनेवाले किसान आज भूखे मर रहे है। उनके और उनके परिवार, बच्चो के भी ख्वाब होते है वह भी 21 वी सदी की लाइफ स्टाइल जीना चाहते है लेकिन कहीं न कहीं उनके सपने अधूरे रहे जाते है । यह गहन चर्चा का विषय है इस मुद्दे पे विस्तृत बात हो सकती है लेकिन अगर पैसो के संदर्भमे बात करे तो यह रास्ता आम आदमी के सपनों को साकार करने मे निष्फल साबित हुआ है । इसमे अपवाद है की जिनके पाँस बड़ी बड़ी जमीने है वह किसान शायद अच्छे पैसे कमाता होगा लेकिन जिसके पाँस बड़ी बड़ी जमीने है वह तो एक प्रकार के निवेशक ही गिने जाएंगे जो कई मजदूरो से खेती का काम करवाते है इसीलिए इसे मे एक अपवाद स्वरूप गिनता हूँ । जहा तक आम आदमी का सवाल है मेरी सोच के अनुसार यह रास्ता उनके सपनों को पूरा करनेमे निष्फल साबित हुआ है । नौकरी : यहा महत्व दिया जाता है अच्छी पढ़ाई लिखाई को। लेकिन अगर अच्छी पढ़ाई लिखाई की है तो भी बड़े बड़े सपनों को पूरा कर सके ऐसी नौकरी ढूँढना 21 वी सदीमे मुश्किल साबित हो रहा है, यह रास्ता कुछ हद तक ज़िंदगीमे खुशियाँ देता है लेकिन फिर भी आर्थिक आज़ादी पाने को इंसान ज़्यादातर तरसता रहेता है। मेरी सोच के अनुसार धीरे धीरे उसे आदत हो जाती है अपने सपनों को मारकर ज़िंदगी जीने की, लेकिन अंदर से वह कहीं ना कहीं अधूरा होता है । यहा भी एक अपवाद है की अगर आप IIM जैसी संस्था के टोपर है तो बड़ी पगार वाली नौकरियाँ मिलती है लेकिन यहा मै आम इंसान की बात कर रहा हु , उनके सपनों की बात कर रहा हु और उसे ध्यानमे रखते हुए मेरी सोच के अनुसार यह रास्ता भी उनके सपनों को पूरा करनेमे निष्फल साबित हुआ है । व्यवसाय : अर्थशाश्त्र के बड़े बड़े महान व्यक्ति भी कहेते है की 21 वी सदी मे खुदके व्यवसाय का रास्ता आपको आर्थिक आज़ादी तक पहोचा सकता है। भले ही छोटे व्यवसाय से शुरू करे लेकिन इस रास्तेमे वह ताकत है जो आपको आपके सपनों की दुनिया को हकीकत बनाने मे मदद कर सके। लेकिन यहा याद रखे जैसा की मैंने आगे कहा था “आपकी जीवन जीनेकी कला और काबिलियत का प्रतिफल है पैसा ” तो यह भी अच्छी होना ज़रूरी है । नौकरी करनेवाले ज़्यादातर इंसानको शायद अपना खुद का व्यवसाय खड़ा करने की चाहत होती ही है। मगर आम आदमी के संदर्भमे बात करे तो एक व्यवसाय खड़ा करना यानि बड़ा निवेश करने का साहस जुटाना, उसमे भी हजारो लफड़े और सबसे बड़ी चिंता लगी रहेती है आर्थिक सुरक्षा की । वहीं आंकड़े बताते है की 100 मे से 90 % व्यवसाय निष्फल होते है तो इस मामलेमे आर्थिक सुरक्षा की चिंता योग्य भी है । अर्थात आम इंसान के लिए यह रास्ता 10 – 90 % प्रतिशत के हिसाब से निष्फल है। हालकी एक मनी कोच के रूप मे मै यह साहस जुटाने की सलाह देना ज़रूर चाहूँगा । लेकिन फिर भी आम इंसान के लिए एक नयी राह ढूँढने निकले है तो आगे तलाश जारी रखनी चाहिए क्या पता कोई अच्छा रास्ता मिल जाए । फिल हाल इस रास्ते को प्रतीक्षामे रखते है ।

Wednesday, February 20, 2019

*कैंसर के रोगियों के लिए एक "खुशखबरी"*

कैंसर चाहें शरीर के किसी भी हिस्से में हो, कैसा भी हो; कैंjसर के लिए अत्यधिक लाभकारी *"Biocan "* (बायोकैन एक? ?शुद्ध आयुर्वेदिक दवा है, जो शरीर को किसी भी प्रकार का नुकसान नही करती है।)
म.प्र. के *Bhopal* में दी जाती हैं, कैंसर बहुत ही जानलेवा बिमारी हैं जिससे बहुत अधिक मात्रा में लोग पीड़ित हैं…

आपसे मेरा अनुरोध हैं कि इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाए ताकि किसी की कीमती जान बचाई जा सकें, *"Biocan"* प्राप्त करने के लिए इस नंबर पर फोन करें:-

*6262233666*
*9584745184*
*नाम - dinesh rajput*

इस संदेश को Delete नही; फ़ॉर्वर्ड करें, ये नम्बर मध्य प्रदेश का लोकल नम्बर है ।
*किसी के लाभ की बात फार्वर्ड करना भी नेकी, पूण्य का कार्य है…*
🙏🏻🇮🇳💐
Hello Guys, I'm
*DINESH RAJPUT*
अगर कोई कैंसर पेशेंट पड़ रहा है तो दवाई के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करे
6262233666
8817526440
9399974687
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Thanks...
भोपाल भारत देश में मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी है और भोपाल ज़िले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। भोपाल को झीलों की नगरी भी कहा जाता है,क्योंकि यहाँ कई छोटे-बड़े ताल हैं। यह शहर अचानक सुर्ख़ियों में तब आ गया जब १९८४ में अमरीकी कंपनी, यूनियन कार्बाइड से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस के रिसाव से लगभग बीस हजार लोग मारे गये थे। भोपाल गैस कांड का कुप्रभाव आज तक वायु प्रदूषणभूमि प्रदूषणजल प्रदूषण के अलावा जैविक विकलांगताएवं अन्य रूपों में आज भी जारी है। इस वजह से भोपाल शहर कई आंदोलनों का केंद्र है।
भोपाल में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) का एक कारखाना है। हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र ने अपना दूसरा 'मास्टर कंट्रोल फ़ैसिलटी' स्थापित की है। भोपाल में ही भारतीय वन प्रबंधन संस्थान भी है जो भारत में वन प्रबंधन का एकमात्र संस्थान है। साथ ही भोपाल उन छह नगरों में से एक है जिनमे २००३ में भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान खोलने का निर्णय लिया गया था तथा वर्ष २०१५ से यह कार्यशील है। इसके अतिरिक्त यहाँ अनेक विश्वविद्यालय जैसे NIT Bhopal,राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय,अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय,मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय,माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय,भारतीय राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय। इसके अतिरिक्त अनेक राष्ट्रीय संस्थान जैसे National Institute of Technology, Bhopal,अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान,भारतीय वन प्रबंधन संस्थान,भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान ,राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान मानित विश्वविद्यालय भोपाल इंजीनियरिंग महाविद्यालय,गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय तथा अनेक शासकीय एवं पब्लिक स्कूल हैं।
भोपाल की स्थापना परमार राजा भोज ने १०००-१०५५ ईस्वी में की थी। उनके राज्य की राजधानी धार थी, जो अब मध्य प्रदेश का एक जिला है। शहर का पूर्व नाम 'भोजपाल' था जो भोज और पाल के संधि से बना था। परमार राजाओं के अस्त के बाद यह शहर कई बार लूट का शिकार बना। परमारों के बाद भोपाल शहर में अफ़गान सिपाही दोस्त मोहम्मद (1708-1740) का शासन रहा; इसलिये भोपाल को नवाबी शहर माना जाता है,आज भी यहाँ मुगल संस्कृति देखी जा सकती है। मुगल साम्रज्य के विघटन का फ़ायदा उठाते हुए खान ने बेरासिया तहसील हड़प ली। कुछ समय बाद गोण्ड रानी कमलापती की मदद करने के लिए खान को भोपाल गाँव भेंट किया गया। रानी की मौत के बाद खान ने छोटे से गोण्ड राज्य पर कब्ज़ा जमा लिया।
१७२०-१७२६ के दौरान दोस्त मुहम्मद खान ने भोपाल गाँव की किलाबन्दी कर इसे एक शहर में तब्दील किया। साथ ही उन्होंने नवाब की पदवी अपना ली और इस तरह से भोपाल राज्य की स्थापना हुई। मुगल दरबार के सिद्दीकी बन्धुओं से दोस्ती के नाते खान ने हैदराबाद के निज़ाम मीर क़मर-उद-दीन (निज़ाम-उल-मुल्क) से दुश्मनी मोल ले ली। सिद्दीकी बन्धुओं से निपटने के बाद १७२३ में निज़ाम ने भोपाल पर हमला कर दिया और दोस्त मुहम्मद खान को निज़ाम का आधिपत्य स्वीकार करना पड़ा।
मराठाओं ने भी भोपाल राज्य से चौथ (कुल लगान का चौथा हिस्सा) वसूली की। १७३७ में मराठाओं ने मुगलों को भोपाल की लड़ाई में मात दी। खान के उत्तराधिकारियों ने १८१८ में ब्रिटिश हुकुमत के साथ सन्धि कर ली और भोपाल राज्य ब्रिटिश राज की एक रियासत बन गया। १९४७ में जब भारत को आज़ादी मिली, तब भोपाल राज्य की वारिस आबिदा सुल्तान पाकिस्तान चली गईं। उनकी छोटी बहन बेगम साजिदा सुल्तान को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया। १ जून १९४९ में भोपाल राज्य का भारत में विलय[2] हो गया।
i am dinesh rajput