Dr. Dinesh Rajput – दर्द से दर्शन तक की यात्रा
Madhya Pradesh ke ek साधारण परिवार में जन्मे Dr. Dinesh Rajput की जिंदगी की शुरुआत आम थी, लेकिन जैसे-जैसे वक़्त आगे बढ़ा, उनकी कहानी एक मिसाल बनती चली गई। बचपन में सब कुछ सामान्य था, लेकिन सातवीं कक्षा में आते-आते उनकी माँ की तबियत लगातार खराब रहने लगी। घर की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ने लगी। पढ़ाई में मन लगाना मुश्किल होता गया, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी।
दसवीं कक्षा तक पहुँचते-पहुँचते हालात और बिगड़ गए। माँ की तबियत नाज़ुक होती जा रही थी और घर का माहौल चिंता से भरा हुआ था। पढ़ाई के लिए उन्हें अपने रिश्तेदारों के यहाँ भेजा गया, जहाँ उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद पैसों की तंगी ने उन्हें मजबूर कर दिया कि वो जल्द से जल्द काम करना शुरू करें। उन्होंने पढ़ाई और नौकरी साथ-साथ की – खुद पैसे कमाए और कॉलेज की फीस भरी।
तीन साल उन्होंने घर से दूर दूसरे शहर में नौकरी और पढ़ाई साथ की। फिर किसी ने बताया कि IT और Ethical Hacking में बेहतर भविष्य है। उन्होंने तीन लाख रुपये खुद कमाकर उस कोर्स में निवेश किया – बिना किसी सहारे के। और जब Placement मिला, वो भी विदेश में, तब किस्मत ने फिर एक दर्दनाक मोड़ लिया – छोटे भाई का निधन हो गया। परिवार ने बाहर जाने से मना कर दिया।
उसी दौर में प्यार भी छूट गया। जिससे वो बेइंतहा मोहब्बत करते थे, उसने भी मुश्किल वक्त में साथ छोड़ दिया। लेकिन Dinesh टूटे नहीं – वो और मजबूत बनते गए। कभी Sales की नौकरी की, कभी Banking, कभी Telecom – हर फील्ड को जिया, लेकिन दिल में सवाल था – “क्या यही मेरी मंज़िल है?”
इन्हीं सवालों के बीच उन्हें एक दिन Facebook पर Sneh Desai का एड दिखा। यही पल उनकी जिंदगी का Turning Point बना। उन्होंने Workshop में हिस्सा लिया – पैसे नहीं थे, तो लोन लिया। लेकिन वहां पहली बार उन्होंने जाना कि “Mind की शक्ति क्या होती है?”
उसके बाद तो जैसे उन्हें खुद को खोजना आ गया। एक के बाद एक कई Mind Power, NLP, Hypnosis, Life Coaching, Parenting और Trainer की ट्रेनिंग्स लीं – कभी लोन लेकर, कभी काम करके। और फिर, एक दिन उनकी पहली किताब Well Done लॉन्च हुई – जो एक मिशन की शुरुआत थी।
कई बार प्यार टूटा, बिज़नेस में घाटा हुआ, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर बार गिरकर, पहले से ज्यादा विश्वास के साथ उठे। आज Dr. Dinesh Rajput एक Hypnotherapist, NLP Expert, और 9 किताबों के लेखक हैं। उन्हें Bharat Gaurav Ratan Award भी मिल चुका है।
अब उनका सपना है –
“Mind University” बनाना – एक ऐसा संस्थान जहाँ बच्चे शुरू से सीखें कि 'मन की शक्ति से कुछ भी संभव है।'
उनका मिशन है – 1 लाख स्टूडेंट्स की जिंदगी संवारना।
Dr. Dinesh की कहानी हमें सिखाती है कि:
“हालात कितने भी मुश्किल हों, अगर जज़्बा जिंदा हो तो कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।”
Dr. Dinesh Rajput – दर्द से दर्शन तक की यात्रा
कभी एक सामान्य बच्चा था, जो माँ की तबीयत और घर की आर्थिक तंगी के बीच अपने सपनों को सीने में छिपाए चलता रहा। सातवीं कक्षा में माँ की तबीयत बिगड़ी, और उसी के साथ Dinesh की बचपन की मासूमियत भी। दसवीं तक पहुँचते-पहुँचते हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें पढ़ाई के लिए रिश्तेदारों के यहाँ जाना पड़ा। वहीं से उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की।
12वीं के बाद सपने थे, लेकिन जेब खाली थी। इसलिए नौकरी शुरू की और साथ में ग्रेजुएशन भी – अपनी फीस खुद भरी, खुद जिम्मेदारियाँ उठाईं।
तीन साल तक अलग शहर में रहकर मेहनत की – और फिर खुद की कमाई से 3 लाख रुपये जुटाकर IT Security और Ethical Hacking में कोर्स किया। सफलता सामने थी – विदेश में प्लेसमेंट मिल गया। लेकिन तभी एक तूफान आया – छोटे भाई की मौत। परिवार ने बाहर जाने से रोक दिया, और सपना वहीं थम गया।
उसी समय प्यार भी साथ छोड़ गया – क्योंकि उनके पास नौकरी नहीं थी। लेकिन Dinesh ने हार नहीं मानी। उन्होंने Sales, Banking, Telecom – हर जगह काम किया। पर दिल हमेशा कुछ बड़ा करने को कहता रहा।
फिर एक दिन Facebook पर उन्होंने देखा – Sneh Desai का Mind Power Workshop। पैसे नहीं थे, तो लोन लेकर गए – और वहीं से उनकी ज़िन्दगी ने नया मोड़ लिया। उन्हें समझ आया कि "मन की शक्ति से कुछ भी बदला जा सकता है।"
इसके बाद उन्होंने Hypnosis, NLP, Parenting, Life Coaching जैसी कई ट्रेनिंग्स की – कभी कर्ज लेकर, कभी छोटी-छोटी नौकरियाँ करके। उन्होंने एक नहीं, बल्कि 9 किताबें लिखीं, जिनमें Well Done, Who I Am, We Your Own Brand, Networking Ka Champion जैसी प्रेरणादायक रचनाएँ शामिल हैं।
आज Dr. Dinesh Rajput सिर्फ एक नाम नहीं, एक मिशन हैं –
1 लाख स्टूडेंट्स की जिंदगी को बदलना।
और उनका सबसे बड़ा सपना है –
“Mind University” की स्थापना करना, जहाँ बच्चों को शुरुआत से सिखाया जाए कि “आपका मन ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।”
उन्हें Bharat Gaurav Ratan Award से सम्मानित किया गया है, और आज वो एक प्रेरक वक्ता, हिप्नोथेरेपिस्ट और लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण हैं।
उनकी कहानी हमें सिखाती है –
"टूट कर भी खड़ा हो सकता है वही, जो खुद से कभी हार नहीं मानता।"